हिंदी कवयित्री Greater Noida · since ’16

🍂 वैराग्यं परमं सुखं 🥀

पर बात जब तुम्हारी हो तो कलम कुछ लिख ही देती है

स्याही और मौसम

/ काव्य-संग्रह

कविताएँ

सात रचनाएँ — प्रेम से विरह तक, और उस प्रश्न तक जो हर कवि खुद से पूछता है: कौन हूँ मैं? किसी भी पत्ती को छूकर पूरा संग्रह किताब की तरह पलटें।

/ प्रकाशित · in print

बाहर छपी हुई

कुछ रचनाएँ पत्रिकाओं में भी छपी हैं। यह रही जिस्म — साहित्यिक पत्रिका अनहद कृति (अंक २७) में प्रकाशित, सीधे वहीं से।

साहित्यिक पत्रिका · दिसंबर २०१९

जिस्म

“सौन्दर्य था, यौवन का खिलता रूप था…”

अनहद कृति पर पूरी रचना पढ़ें

कीर्तिका गुप्ता — कवयित्री

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/ परिचय

दिल के कहे को
कागज़ पर उतारती हूँ

मैं कीर्तिका — ग्रेटर नोएडा की एक कवयित्री। न कोई मंच, न कोई शोर; बस जब मन भर आता है, तो कलम खुद-ब-खुद कुछ लिख देती है।

मेरी कविताएँ हिंदी की शास्त्रीय भाषा और आज के मन के बीच कहीं रहती हैं — कहीं विरह है, कहीं वैराग्य, कहीं वो प्रतीक्षा जो बरसों से आँखों में सजी है। सब कुछ दिल की सुनकर लिखा गया।

पन्ने पलटकर देखें

/ आने वाला · pre-order

कविताएँ अब
तुम्हारे हाथों में

बिखरी हुई पंक्तियाँ अब एक जिल्द में। कीचड़ में कमल — कीर्तिका की चुनिंदा रचनाओं का पहला संग्रह, प्रिंट और ई-बुक दोनों में। अभी नाम दर्ज कराएँ, पहली प्रति आप तक सबसे पहले पहुँचेगी।

ई-बुक · PDF ₹१९९ तुरंत डाउनलोड, हस्ताक्षरित प्रस्तावना

* संग्रह तैयार होते ही मूल्य व तारीख़ की पुष्टि ईमेल पर भेजी जाएगी।

/ सहयोग · work with me

आयोजन, पाठ
और साथ लिखना

कविता-पाठ, काव्य-संध्या, ब्रांड सहयोग या किसी अवसर के लिए विशेष रचना — अगर शब्दों की ज़रूरत हो, तो बात करते हैं।

कविता-पाठ

काव्य-संध्या व मंच पर सजीव पाठ के लिए आमंत्रण।

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नई कविताएँ, सीधे आप तक

महीने में कुछ पंक्तियाँ — जब कलम कुछ कहे, सबसे पहले आप पढ़ें।